Santali Language is spoken in which state

Santali language is spoken in which state

Santali Language is spoken in which state – नमस्कार दोस्तों इस वेबसाइट में आपका स्वागत है। आज हम आपको बताने वाले हैं  संताली लैंग्वेज के बारे में।

Santali Speakers

संताली भाषा लगभग 7.6 मिलियन लोग बोलते हैं। यह भाषा अलग अलग राज्य में बोली जाती है ।

Santali Language Family

संताली भाषा से मिलती-जुलती भाषा जोकि संताली लैंग्वेज की फैमिली में आती है वह है  वह भाषा मुंडा भाषा जो कि संथाली भाषा से मिलती जुलती है।

Santali Writing System

वैसे तो संथाली भाषा का स्क्रिप्ट नहीं था लेकिन अभी जो है संथाली भाषा का भी स्क्रिप्ट या राइटिंग सिस्टम आ गया है पहले जो है संथाली को रोमन में लिखा जाता था लेकिन अभी जो है ओल चिकी स्क्रिप्ट आ चुकी है जो कि इसके ऊपर अभी काम चल रहा है।  और लोग इसको कई राज में सीख भी रहे हैं और पढ़ भी रहे हैं।

संताली लैंग्वेज को हम लोग ओल चिकी स्क्रिप्ट में लिखते हैं। इसको हिंदी देवनागरी में भी लिखते हैं। संथाली को हम लोग बंगाली भी लिखते हैं। आसामीस में भी लिखते हैं। उड़िया स्क्रिप्ट में भी लिखते हैं। और Roman  मे भी लिखते हैं। इसको क्योंकि संथाली भाषा का कोई स्क्रिप्ट नहीं था इसीलिए जो है संथाली को हिंदी में लिखा जाता है और बंगाली, आसाम, उड़िया, और रोमन में भी लिखा जाता है।

Santali Speakers in Other States

संथाली भाषा झारखंड में बोली जाती है जोकि झारखंड का यह ऑफिशियल लैंग्वेज है। इस भाषा को वेस्ट बंगाल में भी बोला जाता है, उड़ीसा में बोला जाता है, और बिहार में भी बोला जाता है, नेपाल, सिक्किम भूटान और बांग्लादेश में भी इस भाषा को बोली जाती है ।

Santali Language History

Santali Language is spoken in which state – संथाली भाषा पहले बोली जाती थी यह ओरल लैंग्वेज के रूप में थी उसका पहले कोई स्क्रिप्ट नहीं था

पहले बंगाली, उड़िया और रोमांस गिफ्ट में लिखी जाती थी। 1860  में विदेशी लोग रोमान स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया करते थे संथाली भाषा को रोमान स्क्रिप्ट इंग्लिश में लिखा करते थे।

लेकिन बहुत बाद में पंडित रघुनाथ मुरमू के द्वारा उल चीकी स्क्रिप्ट का निर्माण किया गया। संथाली भाषा को बोलने वाले लोग कई राज में पाए जाते हैं। ऐसे बांग्लादेश में, भूटान में, नेपाल और कई अलग अलग राज्य में जैसे महाराष्ट्र में, छत्तीसगढ़ में, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, और त्रिपुरा में भी कुछ लोग संथाली भाषा को बोलते हैं

झारखंड में संथाली भाषा पुरी संताली भाषा में बोली जाती है। इस भाषा में कोई मिलावट नहीं है, लेकिन अलग राज्य में वेस्ट बंगाल में जैसे संथाली और बंगाली मिलाकर संथाली भाषा को बोली जाती है। और उड़ीसा में भी  संथाली और उड़िया मिलाकर बोली जाती है।

हर राज्य में अलग-अलग जगह पर संथाल लोग रहने के कारण संथाली भाषा में भी थोड़ा बहुत बदलाव आ गया है। ओरिजिनल संथाली जो बोली जाती है वह संथाल परगना में बोली जाती है। इसमें ना तो हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है ना बंगाली भाषा ना उड़िया ना इंग्लिश भाषा का प्रयोग किया जाता है।

ब्रिटिश राज्य के समय संथाल लोगों को इस संथाल परगना से कई अलग अलग राज्य में ले जाया गया। जैसे कि वेस्ट बंगाल, आसाम, भूटान, नेपाल में संथाल लोग रहते हैं जिसके चलते संथाल लोग की भाषा में थोड़ा बहुत बदलाव आ गए इसीलिए संथाली भाषा में हल्का फुल्का दूसरे भाषा का भी बोली मिलती है। संथाल को ब्रिटिश राज्य के समय में संथाल प्रगना झारखंड से या उस पहले तो झारखंड बिहार हुआ करता था यहीं से जो है संथाल को अलग अलग राज्य में काम के लिए ले जाया गया था।

संथाली भाषा और हो भाषा और मुंडा भाषा यह तीनों भाषा एक दूसरे से मिलता जुलता है। लेकिन संथाली भाषा और हो भाषा एक नहीं है। संथाल लोगों का रहन सहन खाना-पीना और हो भाषा बोलने वाले लोगों और मुंडा भाषा बोलने वाले लोग का भी रहन सहन, संथाल, हो और मुंडा है तीनों भाषा बोलने वाले लोगों का रहन-सहन और खाना पीना एक जैसा है ।

Santals Festivals

Santali Language is spoken in which state – संथाल लोगों का फेस्टिवल या त्यौहार अलग-अलग प्रकार के हैं। इनमें से सबसे प्रमुख त्यौहार स्रहाय त्यौहार है और   बाहा पर अभी है।

Santali Names and Titles

संथाल लोगों के नाम और उनके टाइटल  अलग-अलग प्रकार के हैं जैसे कि टूटू, हेंब्रोम, किसकु, सोरेन, बास्की, हंसदा आदि और भी टाइटल्स संथाल लोगों में है। इस टाइटल्स के साथ सब अलग-अलग संथाल को अलग-अलग टाइटल दिया गया है। जैसे कि किसको को राजा टूडू को मंदारिया इस तरफ से एक नाम दिया गया है।

संथाल लोगों के नाम इस प्रकार से हैं।  पुरुषों के नाम जैसे कि ताला बाबू, होपन बाबू, मौरंग बाबू, इस तरह के नाम को संथाल लोगों में इस्तेमाल किया जाता है। और महिलाओं के लिए होपन बिट्टी, ताला बिट्टी, मरांग माई, होपन माय इस तरह  से महिलाओं को नाम दिया जाता है।

संथाल लोगों का शादी एक अलग तरीके से होता है। अरेंज मैरिज भी होता है, लव मैरिज भी होता है, और भगाकर शादी भी की जाती है, यह एक संस्था लोगों में सिस्टम है जो कि आज भी चलते आ रहा है। शादी में संता लोग पीला कपड़ा को पहनते हैं और शादी होती  है।

संथाल  बच्चों का जन्म जब होता है, तब उनका नाम होपन माय , होपन बाबू इस प्रकार से रखा जाता है। और एक सिस्टम होता है जोकि संथाली में निम्न दा मंडी कहा जाता है जोकि ऐसा कार्यक्रम को किया जाता है जिसमें  चावल में पानी मिलाकर उसमें हल्का सा नीम का पत्ता मिलाकर लोगों को बांटा जाता है यह एक सिस्टम है जो कि संस्था लोगों में चला आ रहा है।

Santal Dress

संथाल लोगों का ड्रेस उनका पहनावा लेडीस लोगों का ड्रेस है ग्रीन पंछी और लूंगी और रेट  ब्लाउज है।

और जेंट्स लोगों का ड्रेस है ग्रीन पंछी और लूंगी भी पहनी जाती है। लेकिन झारखंड से बाहर में अलग-अलग रंग की कपड़े डिजाइन दार संथाली ड्रेस को पहने जाते हैं।

लेकिन आजकल यह डिजाइन दार संथाली ड्रेस हर जगह पहनी जाती है। वेस्ट बंगाल, आसाम, झारखंड, उड़ीसा में यह अलग-अलग डिजाइन दार संथाली ड्रेस पहनी जाती है, और इस को काफी पसंद किया है जाता है।

Santal’s Food and Work

संथाल लोगों का खाना वैसे तो दाल, भात, सब्जी और पानी भात, सब्जी, साग, अचार, चटनी भी खाते हैं संथाल लोगों का काम, खेत में काम करते हैं यह अपना गुजर बसर के लिए खेतों में काम करते हैं या तो फिर दूसरे के लिए काम करते हैं या दूसरे के खेतों में भी काम करके अपना जीवन यापन करते हैं।

लेकिन आजकल पढ़ लिख कर यह अपना जीवन कहीं और काम करके भी चला लेते हैं। आज पढ़ने लिखने के कारण संथाल लोग भी आगे बढ़ रहे हैं। आज हर फील्ड में संथाल लोग पढ़ाई कर रहे हैं, काम कर रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं।

दोस्तों आपको यह हमारा ब्लॉग अच्छा लगा है तो हमें नीचे में कमेंट करें और यदि आपको अच्छा लगा है यह ब्लॉग तो और भी जानकारी आप दे सकते हैं। हमारा ई-मेल नीचे में दिया हुआ है, या फिर आप अबाउट सेक्शन में भी हमारा ईमेल देख सकते हैं।

वहां पर जाकर के आप जो है हमको मेल कर सकते हैं और अपनी जानकारी को हम तक पहुंचा सकते हैं, ताकि हम उस जानकारी को इस वेबसाइट पर पोस्ट करके लोगों तक अधिक से अधिक जानकारी पहुंचा सके आप सभी का इस वेबसाइट में आना और इस वेबसाइट को पूरा पढ़ना आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

[ratings]

Leave a Comment

Your email address will not be published.